हूं सुन्दर चिकनी चिकनी

कल मैंने श्रीमती जी और छिपकली के बीच संवाद होते देखा। उनके बीच हुए संवाद को एक हास्य कविता के रूप में आपके समक्ष पेश कर रहा हूं, उम्मीद है आपको जरूर पसंद आएगी… छिपकली कहती है… कहती नहीं, चुपचाप तो हूं मैं, फिर क्यों मुझसे डरती हो, कहती खुद को तुम ठकुराईन, फिर छिप …

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